Raksha Bandhan 2020 Shubh Muhurat Date and Time Puja Vidhi जानें सुबह इतने बजे से शुरू होगा शुभ मुहूर्त

raksha bandhan shubh muhurat

Raksha Bandhan 2020 Shubh Muhurat Date and Time Puja Vidhi जानें सुबह इतने बजे से शुरू होगा शुभ मुहूर्त : भारत में श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 3 अगस्त दिन सोमवार को है। इस पर्व को राखी, श्रावणी, सावनी, और सलूनों के नाम से भी से भी जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन इस बार बेहद खास होगा क्योंकि इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का शुभ संयोग बन रहा है। रक्षाबंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 साल बाद आया है। साथ ही इस साल भद्रा और ग्रहण का साया भी रक्षाबंधन पर नहीं पड़ रहा है। इस बार श्रावणी पूर्णिमा के साथ महीने का श्रावण नक्षत्र भी पड़ रहा है, इसलिए पर्व की शुभता और बढ़ जाती है। श्रावणी नक्षत्र का संयोग पूरे दिन रहेगा।

रक्षाबंधन पर्व कथा और महत्‍व

हमारे देश में सदियों से रक्षा सूत्र बांधने की परम्परा रही है। इसके लिए एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कथा यह है एक बार जब देवताओं और असुरो में युद्ध आरंभ हो गया था तब देवताओं की स्थिति पराजय की हो गई थी। पराजय के डर से देवगण जब देवराज इंद्र के पास पहुंचे तो देवताओं को भयभीत देख इन्द्राणी ने देवताओं के हाथ में रक्षा कवच के तौर पर रक्षासूत्र बांध दिया। इसके बाद माना जाता है कि देवताओं ने असुरों पर विजय प्राप्त की और अपना खोया हुआ राजपाट पुन: प्राप्‍त कर लिया। यह रक्षा विधान श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर ही शुरू किया गया था।

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रक्षाबंधन की पूजा विधि

रक्षाबंधन के पवित्र पर्व के दिन आप सुबह स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसे बाद आरती एवं पूजा की थाली सजाएं जिसमें राखी के साथ रोली, चंदन, अक्षत, मिष्ठान और पुष्प रखें। इस थाली में घी का एक दीपक भी जलाएं। इस थाल को अब आप अपने पूजा स्थान पर रख दें। सभी देवी देवातओं का स्मरण करें। धूप जलाएं और पूजा करें। फिर भगवान का आर्शीवाद लें। भाई की आरती कर उसकी कलाई में राखी बांधें। फिर भाई को मिठाई खिलाएं। अगर भाई आपसे बड़ा है तो चरण स्‍पर्श कर उसका आशीर्वाद लें। राखी बांधने के बाद भाइयों को इच्‍छा और सामर्थ्‍य के अनुसार बहनों को भेंट देनी चाहिए। ब्राह्मण या पंडित जी भी अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं।

ऐसा करते वक्‍त इस मंत्र का उच्‍चारण करना चाहिए:

ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

अर्थात् राजा बली ने भी अपनी रक्षा के लिए हनुमान जी को रक्षा सूत्र बांधकर अपना भाई बनाया था। रक्षा की प्रार्थना की थी। इसी प्रकार हे हनुमान, मेरे भाई की समस्‍त संकटों से रक्षा कीजिये।

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

राखी बांधने का मुहूर्त- 09:27:30 से 21:11:21 तक।

रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त- 13:45:16 से 16:23:16 तक।

रक्षा बंधन प्रदोष मुहूर्त- 19:01:15 से 21:11:21 तक।

मुहूर्त अवधि: 11 घंटे 43 मिनट।

इस दिशा में भाई का मुंह करके बांधे राखी

राखी बंधवाते समय भाई को अपना मुंह पूर्व दिशा की ओर करके बैठना उत्तम रहेगा। दरअसल, कल सुबह चंद्रमा 20 अंश पार करके पूरे दिन मकर राशि में रहेगा, अगर राखी बंधवाते समय भाई का मुंह पूर्व दिशा की ओर रहेगा तो भाई के दाहिने हाथ पर चंद्रमा होगा और दाहिने हाथ पर चंद्रमा सुख व संपदा देता है।

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